प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में “सबके लिए आवास” (Housing for All) उपलब्ध कराना है। केंद्रीय कैबिनेट ने इसे 23 मार्च 2015 को मंजूरी दी थी। इसे 1 अप्रैल 2016 से लागू किया गया। यह पुरानी ‘इंदिरा आवास योजना’ (IAY) का सुधरा हुआ रूप है। इसका मकसद बेघर लोगों को पक्का घर देना है। कच्चे या जर्जर घरों में रहने वाले लोग भी इसके पात्र माने जाते हैं।
मार्च 2026 तक यह योजना ग्रामीण विकास का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। सरकार ने इस योजना की अवधि 2024-25 से बढ़ाकर 2028-29 कर दी है। इसका नया लक्ष्य 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घर बनाना है। अगस्त 2025 तक 2.82 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। इनमें 2,68,480 भूमिहीन परिवारों को भी योजना का लाभ मिला है।
PMAY-G 2026 के मुख्य बिंदु (Highlights)
केंद्र सरकार ने PMAY-G योजना को मार्च 2029 तक बढ़ा दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ नए घर बनाए जाएंगे। पहले चरण (2016-2024) का लक्ष्य 2.95 करोड़ घर बनाना था। वह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद यह नई घोषणा की गई है।
लाभार्थी ‘आवास प्लस’ (Awaas+) मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इसके जरिए वे खुद अपना सर्वे (Self-survey) कर सकते हैं। जो लोग खुद रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते, उनकी मदद के लिए फील्ड सर्वेयर मौजूद रहते हैं। योजना के तहत बनने वाले सभी घरों की जियो-टैगिंग (Geo-tagging) की जाती है। इन्हें आधार से लिंक किया जाता है। पैसों का भुगतान सीधे बैंक खाते में (DBT) होता है।
लक्ष्य एवं लाभ (Targets and Benefits)
- पहले चरण (2016–2024) में 2.95 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया था।
- अगस्त 2025 तक 2.82 करोड़ घर बन चुके हैं।
- 2029 तक 2 करोड़ नए घर बनाने की मंजूरी मिली है।
- मैदानी इलाकों में घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये की मदद मिलती है।
- पहाड़ी या दुर्गम इलाकों में यह राशि 1.30 लाख रुपये है।
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये अलग से मिलते हैं।
- मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 से 95 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।
- जल जीवन मिशन, सौभाग्य, उज्ज्वला योजना, NRLM जैसी योजनाओं का भी अतिरिक्त लाभ मिलता है।
Awaas+ ऐप के जरिए सेल्फ-सर्वे की प्रक्रिया
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘Awaas+’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इससे नागरिक खुद ही अपने स्मार्टफोन से लाभार्थी सर्वे में हिस्सा ले सकते हैं।
सर्वे के आसान स्टेप्स:
- pmayg.nic.in से Awaas+ ऐप डाउनलोड करें। यह एंड्रॉइड के साथ-साथ एप्पल (iOS) फोन के लिए भी उपलब्ध है।
- अपने आधार नंबर से लॉगिन करें। मोबाइल कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरे की पहचान) पूरी करें।
- एक मोबाइल फोन (डिवाइस) से केवल एक ही सेल्फ-सर्वे सबमिट किया जा सकता है।
- परिवार के हर सदस्य की जानकारी भरें। इसमें आधार नंबर, नाम, उम्र, जेंडर, जाति, वैवाहिक स्थिति, मोबाइल नंबर, शिक्षा जैसी जानकारी शामिल है।
- परिवार में से किसी एक को मुख्य लाभार्थी चुनें। किसी महिला सदस्य को चुनना बेहतर होता है।
- चुने गए लाभार्थी की ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करें। इसके लिए चेहरे से आधार वेरिफिकेशन करना होगा।
- अपने मौजूदा घर की जियो-टैग की गई फोटो अपलोड करें। जहां नया घर बनना है उस जगह की फोटो भी डालें।
- अपने बैंक खाते की जानकारी दें। पैसे आधार से जुड़े खाते में ही ट्रांसफर किए जाएंगे।
- मौजूदा घर के प्रकार, जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दें।
- नए घर का अपना मनपसंद डिजाइन चुनें। आप राजमिस्त्री (Mason) ट्रेनिंग प्रोग्राम का विकल्प भी चुन सकते हैं।
- सारी जानकारी दोबारा चेक करें। अंत में फॉर्म सबमिट कर दें।
ऑनलाइन सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?
नए सर्वे में हिस्सा लेने से पहले आप अपना नाम पुरानी लिस्ट में देख सकते हैं। आप चेक कर सकते हैं कि आपका परिवार PMAY-G की नई लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं।
डिटेल्स चेक करने का तरीका:
- आधिकारिक वेबसाइट का यह लिंक खोलें: https://awaassoft.nic.in/netiay/AwaasPlus/AwaasPlus_FM_Details.aspx
- क्रमशः अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत चुनें।
- आधार कार्ड के अनुसार परिवार के किसी भी सदस्य का नाम भरें।
- वित्तीय वर्ष (Financial Year) चुनें।
- सर्वे का स्टेटस देखने के लिए “Submit” बटन दबाएं। आपकी ई-केवाईसी की जानकारी भी स्क्रीन पर आ जाएगी।